निर्मल नशात - रचनाकार अनिल श्रीवास्तव 'मुसाफ़िर'
"निर्मल नशात" मुख्यतः एक प्रवासी के अनुभव, वेदना और प्रतिक्रियाओं को चित्रित करती है जो विदेश में रहकर भी अपने वतन को नहीं भूल पाता है। प्रस्तुत पुस्तक मुसाफ़िर की दार्शनिकता तथा जीवन से पाए गए अनुभवों का अवलोकन कराता है जो शब्दों से सरल लगता है परन्तु वास्तव में जीवन की गूढ़ता तथा उसमें निहित भावनाओं से हमें रू-ब-रू कराता है।
This poetry collection portrays the experiences and reflections of a migrant living abroad while remaining deeply connected to their homeland.